पिता हि प्रभुरस्माकं दैवतं परमं हि नः | यस्य नो दास्यति पिता स नो भर्ता भविष्यति ||

— वाल्मीकिरामायणे बालकाण्डे द्वात्रिंशस्सर्गः (२२) वायुदेव के विवाह प्रस्ताव पर कुशनाभ की पुत्रियों ने वायुदेव से कहा “हमारे पिता हमारे ईश्वर हैं और उनका हम पर पूर्ण अधिकार है । हमारे पति का चयन वे ही करेंगे ।” वायुदेव ने उन्हें, विवाह पश्चात, अमरत्व एवं चिरकालीन यौवन प्रदान करने का प्रलोभन भी दिया । वायुदेव…